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डा ज़ाकिर नाइक के अलावा और भी हैं जहरीले नाग.इस्लामिक बैंक भारत के लिए घातक

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डा ज़ाकिर नाइक अपने चैनल पर खुले आम  ज़हर उगलता है यह तो सभी जानते हैं।  वैसे भी भारत में इन जैसे जाहिल केवल मुस्लिम समाज में ही नहीं हैं बल्कि हर धर्म और हर समाज में मौजूद हैं। जैसे बाराबंकी के देवां कोतवाली क्षेत्र के हर्रई आश्रम के अय्याश बाबा परमानंद उर्फ़ राम शंकर तिवारी , संत रामपाल बाबा जिस ने हिसार, हरियाणा स्थित सतलोक आश्रम में महिला टॉयलेट में सीसीटीवी कैमरा लगा रखे थे , आसाराम आदि हैं। और इसी दोष के कारण से इनको  भारत के कानून  ने गिरफ्तार कर के जेल में डाला ऐसे ही ज़ाकिर नाइक और शेष धर्म का कवच पहन पर लोगों के पैसो से ऐश करने वालों और एक दुसरे के धर्मों पर प्रहार करने वाले लोगों  पर राज्य सरकार एवं भारत सरकार को  कार्यवाही करनी चाहिये। केवल ज़ाकिर नाइक का टी वी चैनल ही नही है जो नफरत फैलता है,  इसके अवाला भी कुछ टीवी चैनल और भी है जो राष्ट्र भक्ति के नाम पर देश में नफरत पैदा करने के लिए रात दिन लगे रहते हैं ऐसे टीवी चैनलों पर भी पाबंदी लगानी चाहिये पूरा देश जनता है ऐसे लोग, एवं टीवी चैनल कौन कौन से हैं यहाँ किसी एक का नाम लेने की अवश्यकता नही है।

मैं हमेश सत्य और न्याय के लिए खड़ा रहता हूँ भले ही उसके लिए मुझको कोई गाली दे या शाबाशी दे क्यूंकि की यह सीख मुझ को मेरे माता पिता से मिली है।

अब बात करते है ज़ाकिर नाइक की तो मैं यकीनी तौर पर कह सकता हूँ के इस को फंडिंग करने वाला केवल वहाबी विचार धारा और आतंकवाद का जन्म दाता तत्काल सऊदी अरब की हकुमत है जो वहाबी कट्टरवाद को भारत में पैदा करना चाहती है आज इसी विचार धारा के चलते दुनिया में आतंकवाद ने जन्म लिया है।

इस्लामिक बैंक भारत के लिए  घातक

आप को बताता चालों गुजराती व्यवसायी ज़फ़र सरेशवाला भी एक वहाबी विचार धारा से जुडा है और वो गुजरात में सऊदी अरब की इस्लामिक बैंक खुलवाना चाहता है  मुझ को समाचार पत्रों से सुचना प्राप्त हुई है की गुजरात में सऊदी अरब की इस्लामिक बैंक खुलने वाली है।

मैं कई बार ग्रह मंत्रालय को लिख चूका हूँ के वहाबी विचार धारा को प्रोत्साहित करने के लिए मदरसा दारुल उलूम में पैसा आता है इस की जाच की जाये वैसे मुझ को गृह मंत्रालय की ओर मिले उत्तर में आश्वासन दिया है।

मैंने सऊदी अरब की इस्लामिक बैंक के बारे में भी केन्द्रीय गृह मंत्री  श्रीमान राजनाथ जी को पत्र लिख दिया है देखते हैं के किया एक्शन होता है। यदि भारत में सऊदी अरब की इस्लामिक बैंक खुल जाती है तो  यह भारत के हितो के लिए घातक साबित हो सकता है, पहले जो पैसा चोर दरवाज़े से आता था अब वो पैसा सीधे रस्ते से आकार देश में नफरत के बीच बोने का काम करे गा अन्यथा ज़ाकिर नाइक एवं मदरसा दारुल उलूम जैसे वहाबी ताकतों को मजबूती मिलेगी आज भी वहाबी कट्टरवाद और उसकी आतंकवादी सोच का अंदाज़ा इस बात से लगाया जा सकता है की ज़ाकिर नाइक के समर्थक खुले आम खुले घूम कर भारत सरकार को ग़लत बता रहें हैं।

जो धर्म रास्ते में पड़े पत्थर को हटाने की सीख देता है ताके किसी को ठोकर न लग जाये,वो भला आतंक की शिक्षा कैसे दे सकता है



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7 प्रतिक्रिया

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नवीनतम प्रतिक्रियाएंLatest Comments

abodhbaalak के द्वारा
July 13, 2016

I am not supporter of Zakir Naik but he is not the only person spreading hatred. There are more…. and government is not doing anything to curb them. They need to STOP them too.

    Riyaz Abbas Abidi के द्वारा
    July 14, 2016

    मैंने अपने लेख में इसी बात को बोला है , इसके लिए अपनी आवाज़ उठाये

achyutamkeshvam के द्वारा
July 13, 2016

कट्टरता पर रोक के लिए उनकी फंडिंग रोकनी जरूरी है….महत्वपूर्ण आलेख

    Riyaz Abbas Abidi के द्वारा
    July 14, 2016

    मैंने अपने लेख में इसी बात को बोला है , इसके लिए अपनी आवाज़ उठाये , धन्यवाद्

Jitendra Mathur के द्वारा
July 12, 2016

आपके ख़यालात दुरुस्त हैं जनाबेआली । हुकूमत-ए-हिंदुस्तान को भी इसी नज़रिये को अख़्तियार करते हुए ज़रूरी कदम उठाने चाहिए ।

    Riyaz Abbas Abidi के द्वारा
    July 12, 2016

    dhanyawad

    Riyaz Abbas Abidi के द्वारा
    July 14, 2016

    ऐसा ही करना होगा भारत सरकार को


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