मेरा भारत महान

An initiative to keep the truth in front of everyone

34 Posts

19 comments

Riyaz Abbas Abidi


Reader Blogs are not moderated, Jagran is not responsible for the views, opinions and content posted by the readers.

Sort by:

अभी आज़ादी अधूरी है ?

Posted On: 14 Aug, 2016  
1 Star2 Stars3 Stars4 Stars5 Stars (2 votes, average: 5.00 out of 5)
Loading ... Loading ...

Junction Forum Others Politics में

0 Comment

बलात्कार पर राजीनीति क्यों ?

Posted On: 3 Aug, 2016  
1 Star2 Stars3 Stars4 Stars5 Stars (1 votes, average: 5.00 out of 5)
Loading ... Loading ...

Junction Forum Religious Social Issues में

0 Comment

Page 1 of 41234»

नवीनतम प्रतिक्रियाएंLatest Comments

मैं लेख में वर्णित विचारों से सहमत हूँ । शर्मिला का संघर्ष महान है । कानून की ज़रूरत अपनी जगह है लेकिन शर्मिला को उसके विरुद्द अपना मैराथन अनशन उसके दुरुपयोग के कारण करना पड़ा । इसमें संदेह नहीं कि न केवल पूर्वोत्तर राज्यों में इस कानून का खुला दुरुपयोग हुआ है बल्कि सुदूर पूर्वोत्तर के निवासियों के प्रति दिल्ली में या दिल्ली के निकट रहने वाले उत्तर भारतीयों का दृष्टिकोण भी पूर्वाग्रह युक्त है । शर्मिला ने अनशन तोड़कर मुख्यधारा की राजनीति में सम्मिलित होने का निर्णय लिया है जो उनके अनशन करने के निर्णय जितना ही साहसिक है । यह उनका एक और संघर्ष होगा । उनका सशस्त्र बलों को अंधी ताक़त देने वाले कानून को हटवाने का मक़सद चाहे पूरा न हो सका हो लेकिन उनकी ईमानदारी और जूझने के जज़्बे को सलाम । जैसा कि कहते भी हैं - Some goals are so worthy that it's glorious even to fail.

के द्वारा: Jitendra Mathur Jitendra Mathur

मैं लेख में वर्णित विचारों से सहमत हूँ । शर्मिला का संघर्ष महान है । कानून की ज़रूरत अपनी जगह है लेकिन शर्मिला को उसके विरुद्द अपना मैराथन अनशन उसके दुरुपयोग के कारण करना पड़ा । इसमें संदेह नहीं कि न केवल पूर्वोत्तर राज्यों में इस कानून का खुला दुरुपयोग हुआ है बल्कि सुदूर पूर्वोत्तर के निवासियों के प्रति दिल्ली में या दिल्ली के निकट रहने वाले उत्तर भारतीयों का दृष्टिकोण भी पूर्वाग्रह युक्त है । शर्मिला ने अनशन तोड़कर मुख्यधारा की राजनीति में सम्मिलित होने का निर्णय लिया है जो उनके अनशन करने के निर्णय जितना ही साहसिक है । यह उनका एक और संघर्ष होगा । उनका सशस्त्र बलों को अंधी ताक़त देने वाले कानून को हटवाने का मक़सद चाहे पूरा न हो सका हो लेकिन उनकी ईमानदारी और जूझने के जज़्बे को सलाम । जैसा कि कहते भी हैं - Some goals are so worthy that it's even to fail.

के द्वारा: Jitendra Mathur Jitendra Mathur

के द्वारा: Riyaz Abbas Abidi Riyaz Abbas Abidi

रियाज़ अब्बास जी बहुत उम्दा योगदान के लिए धन्यवाद| तथ्यों समेत आपकी प्रस्तुति सराहनीय है| किसी भी कौम के हों चंद महत्वकांक्षी (selfish) लोगों के द्वारा ही देश में धार्मिक उन्माद फैलाने का प्रयास किया जा रहा है ताकि वे लोग अपनी रोटियां सेक सकें वर्ना देश के हर गली नुक्कड़ पर सभी धर्मों के अनुयायी एक दूसरे पर निर्भर भी हैं और मिलजुल कर रह भी रहे हैं किसी सच्चे देश वासी को देश के प्रति अपनी निष्ठा का प्रमाण देने की आवश्यकता नहीं लेकिन इस बात का प्रचार करने की आवश्यकता महसूस की जा रही है इसलिए आप जैसे बुद्धिजीवी लोग आगे बढ़ कर इसी तरह के लेख लिखते रहेंगे तो बहुत से अनभिज्ञ लोगों के सामने सचाई लाई जा सकेगी| उम्मीद है भविष्य में भी आपके लेख पढ़ने को मिलेंगे| धन्यवाद |

के द्वारा: bhagwandassmendiratta bhagwandassmendiratta




latest from jagran